जैसी हमारी दृष्टि, वैसी मानसिक सृष्टि
As is our vision, so is our mental creation.
हमारी जो मानसिक सृष्टि है वो सिर्फ हमारे पेशे पर ही निर्भर नहीं होती बल्कि इस पर भी निर्भर होती है कि हमारा परिवार, संस…
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चैतन्य संदेश
हमारी जो मानसिक सृष्टि है वो सिर्फ हमारे पेशे पर ही निर्भर नहीं होती बल्कि इस पर भी निर्भर होती है कि हमारा परिवार, संस…
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चैतन्य संदेश
व्यक्ति चाहे कितना भी आध्यात्मिक ज्ञान, शक्ति या ऊँची चेतना प्राप्त कर ले, यदि वह अपने अहंकार पर विजय नहीं पाता, तो वही …
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चैतन्य संदेश
नटराज की प्रतिमा में शिव के पैरों के नीचे अपस्मार नामक बौने को दिखाया जाता है, जो परंपरागत रूप से अज्ञान, विस्मृति और आध…
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चैतन्य संदेश
केवल पढ़-लिख जाना ही यह प्रमाण नहीं है कि व्यक्ति ने जीवन और समाज की सभी परिस्थितियों को सही रूप से समझ लिया है। शिक्षा …
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चैतन्य संदेश
किसी कानून का केवल अस्तित्व में होना ही यह सिद्ध नहीं करता कि वह उचित या वैध है। कानून की वास्तविक सार्थकता उसकी संवैधान…
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चैतन्य संदेश
सामान्य जनजीवन को प्रभावित करने वाली समस्याओं और कानूनी तरीके से होने वाले शोषण को समझने के लिए केवल शिकायत करना पर्याप्…
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चैतन्य संदेश
मनुष्य किसी भी कार्य में पहली बार में पूर्ण निपुण नहीं होता। लेकिन जब वह किसी कार्य को लगातार अभ्यास और धैर्य के साथ दोह…
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चैतन्य संदेश
मनुष्य का सामान्य जीवन अनेक प्रकार की समस्याओं से प्रभावित हो सकता है। वह शोषण, पीड़ा और वंचना का सामना भी कर सकता है। ल…
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चैतन्य संदेश
माँ पराम्बा भवानी का संदेश है कि वास्तविक परिवर्तन केवल इच्छा करने से नहीं, बल्कि तपस्या, साधना और निरंतर प्रयास से आता …
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चैतन्य संदेश
मनुष्य चाहे किसी भी व्यवसाय, पद या क्षेत्र में कार्य करता हो, उसे अपने व्यक्तिगत कार्यों के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प…
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चैतन्य संदेश
भारतीय कानून मुख्य रूप से देश के भीतर नागरिकों, संस्थाओं और शासन के लिए नियम एवं न्याय व्यवस्था निर्धारित करता है। वहीं …
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चैतन्य संदेश
मनुष्य का जीवन सीमित है, लेकिन यदि वह समाज और जनहित के लिए अच्छे, रचनात्मक तथा उपयोगी कार्य करता है, तो उसके कार्य उसकी …
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