शिक्षा से आगे—संज्ञान और नेतृत्व चेतना

शिक्षा से आगे—संज्ञान और नेतृत्व चेतना
केवल पढ़-लिख जाना ही यह प्रमाण नहीं है कि व्यक्ति ने जीवन और समाज की सभी परिस्थितियों को सही रूप से समझ लिया है। शिक्षा ज्ञान का आधार देती है, लेकिन व्यापक समझ के लिए निरंतर अध्ययन, चिंतन और अनुभव आवश्यक होते हैं।
“पढ़ना शिक्षा देता है, समझना संज्ञान देता है और उस समझ को समाजहित में व्यवहार में लाना नेतृत्व चेतना को जन्म देता है।”
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