कानून की वैधता और जनहित की कसौटी

कानून की वैधता और जनहित की कसौटी
किसी कानून का केवल अस्तित्व में होना ही यह सिद्ध नहीं करता कि वह उचित या वैध है। कानून की वास्तविक सार्थकता उसकी संवैधानिकता, न्यायसंगतता, अनुपातिकता और जनहित के आधार पर समझी जानी चाहिए।
“कानून का होना पर्याप्त नहीं; उसकी संवैधानिकता, न्यायसंगतता, अनुपातिकता और जनहित की निरंतर समीक्षा भी आवश्यक है।”
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