सार्वभौमिक संज्ञान से राष्ट्र-विकास

सार्वभौमिक संज्ञान से राष्ट्र-विकास
शिक्षक, अभिभावक, वक्ता और पत्रकार जैसे समाज के प्रभावशाली वर्ग यदि आदर्श और व्यापक मानवीय पक्षों पर ध्यान दें तथा सार्वभौमिक संज्ञान—अर्थात सभी मनुष्यों से जुड़े ज्ञान, विवेक और समझ—को विकसित करें, तो समाज के विकास को नई दिशा मिल सकती है।
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